वर्ना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहां थी….!
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी।
टूट कर भी हँस देना उसने खुद को सिखा दिया है,
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनियां बुरी लग गई,
हम में तो तुम ही हो, तुम्हारे दिल की खुदा जाने…!
हर कोई उसे नज़रअंदाज़ कर के ही चला जाता है…
चेहरे पर उसके हल्की-सी उदासी साफ दिखाई देती है,
रोज तो वो मरते है जो खुद से ज्यादा किसी और को चाहते हैं…!
जख्म का निशा नही है और दर्द का इलाज नहीं…!
जिन्दगी के हर Sad Shayari in Hindi सफर में हमसफ़र नहीं होते..!
मेरी सच्ची बातों को भी उसने झूठ ही माना।
कुछ लड़के टूटे कांच की तरह टूट के बिखर जाते है
पर खुशियाँ अब दिल में कहीं नहीं मिलती।
और फिर बस यादें ही बोझ बनकर रह जाती हैं।